
सोशल मीडिया और साइबर अपराधियों पर कसता शिकंजा**
बिहार में बढ़ते साइबर अपराध और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने एक अत्यंत सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में ‘बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024’ (CCA) में संशोधन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इस नए संशोधन के तहत अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किसी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी, गाली-गलौज, चरित्र हनन या अमर्यादित पोस्ट करने वालों को भी ‘गुंडा एक्ट’ के दायरे में लाया गया है।
पेपर लीक और साइबर ठगों पर भी गाज
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत इस संशोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
पेपर लीक आरोपी: प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक करने वाले गिरोह के सदस्यों पर सीधे गुंडा एक्ट (CCA) लागू किया जाएगा।
सजा का प्रावधान: दोषियों को 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल की सजा भुगतनी होगी।
पुराने जेल कानूनों का खात्मा: इसके साथ ही राज्य सरकार ने 132 साल पुराने पुराने ब्रिटिशकालीन जेल कानूनों को पूरी तरह से समाप्त करने का फैसला किया है।
गोरखपुर से चोरी हुई लग्जरी गाड़ियां बिहार से बरामद
एक अन्य बड़ी पुलिस कार्रवाई के तहत, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से चोरी हुई लग्जरी गाड़ियों को बिहार पुलिस ने गोपालगंज जिले से सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। इस अंतरराज्यीय चोर गिरोह पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके से मणिपुर के चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो इन गाड़ियों को दिल्ली-यूपी से चुराकर पूर्वोत्तर राज्यों की ओर ले जाने की फिराक में थे।
Disclaimer: Koshi Voice News पर प्रकाशित यह समाचार बिहार कैबिनेट द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और बिहार पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारियों पर आधारित है।


