त्योहारों में घर लौटने वालों के लिए विशेष इंतजाम
दीपावली और छठ महापर्व के दौरान बिहार आने-जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने इस साल विशेष ट्रेनों के संचालन की बड़ी तैयारी की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बताया कि त्योहारों के दौरान बिहार के लिए विशेष ट्रेनों के करीब 15 हजार फेरे निर्धारित किए गए हैं। पिछले सामान्य इंतजाम की तुलना में यह संख्या अधिक है।
इस पहल का उद्देश्य नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को कम करना और यात्रियों को घर पहुंचने के लिए अतिरिक्त विकल्प देना है।
सामान्य व्यवस्था से ज्यादा होंगे विशेष फेरे
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के लिए सामान्य तौर पर करीब 12 हजार विशेष ट्रेन फेरों की तुलना में इस साल 15 हजार फेरे संचालित करने की व्यवस्था की गई है। त्योहारों के समय दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब और देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में प्रवासी बिहार लौटते हैं। छठ के दौरान यात्रियों की संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनें उपलब्ध कराने से लंबी दूरी के यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कई शहरों से बिहार के लिए पूजा स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने अलग-अलग रेल मंडलों के माध्यम से बिहार के लिए कई पूजा स्पेशल ट्रेनें घोषित की हैं। इनमें दिल्ली, अमृतसर, बेंगलुरु, हुब्बल्लि, नागपुर, उधना और टाटानगर जैसे शहरों से बिहार के विभिन्न स्टेशनों तक चलने वाली सेवाएं शामिल हैं। पूर्व में घोषित 11 जोड़ी पूजा स्पेशल ट्रेनों से पटना, दानापुर, पाटलिपुत्र, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, जयनगर और भागलपुर जैसे शहरों को जोड़ने की योजना बताई गई थी।
प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन की तैयारी
त्योहारों के दौरान केवल ट्रेनें बढ़ाना ही नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ नियंत्रित करना भी बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने बिहार के 15 प्रमुख स्टेशनों पर अस्थायी होल्डिंग एरिया और अतिरिक्त यात्री सुविधाओं की तैयारी की है। इन व्यवस्थाओं में यात्रियों के बैठने, पेयजल, सुरक्षा निगरानी और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल और पाटलिपुत्र जंक्शन जैसे प्रमुख स्टेशनों पर विशेष इंतजाम किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
बिहार में नई रेल कनेक्टिविटी पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री और रेल मंत्री की मुलाकात में बिहार के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट के अनुसार, डोभी-चतरा रेल लाइन से गयाजी के औद्योगिक क्षेत्र तक नई संपर्क रेल लाइन बिछाने की योजना पर विचार किया गया है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक भूमि अधिग्रहण की शर्त का उल्लेख किया गया। इसके अलावा विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन के तहत गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
छठ पर घर लौटने वाले यात्रियों को मिलेगी राहत?
बिहार के लाखों लोग रोजगार और पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में रहते हैं। दीपावली और छठ के मौके पर उनका अपने गांव लौटना एक बड़ी यात्रा चुनौती बन जाता है। विशेष ट्रेनों के 15 हजार फेरों और स्टेशनों पर अतिरिक्त इंतजाम से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रियों को सलाह है कि यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन का नंबर, संचालन की तारीख, ठहराव और टिकट की उपलब्धता रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES पर जरूर जांच लें।
Disclaimer
यह समाचार लाइव हिन्दुस्तान और अन्य विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों तथा उपलब्ध रेलवे संबंधी जानकारियों पर आधारित है। विशेष ट्रेनों की संख्या, समय-सारिणी और परिचालन में रेलवे के आधिकारिक अपडेट के अनुसार बदलाव संभव है। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले आधिकारिक सूचना की पुष्टि करें। खबर से संबंधित सुझाव, सुधार या शिकायत के लिए Koshi Voice से WhatsApp नंबर 9279009245 पर संपर्क करें।

