पिंक लाइन का हुआ उद्घाटन
महाराष्ट्र के पुणे में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार देते हुए मेट्रो की 23.2 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन यानी लाइन-3 का उद्घाटन कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मान-हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया।
परियोजना की लागत और कनेक्टिविटी
करीब 8,313 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एलिवेटेड मेट्रो लाइन पुणे के प्रमुख आईटी हब हिंजेवाड़ी को शहर के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और व्यावसायिक क्षेत्र शिवाजीनगर से जोड़ेगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
महिला ट्रेन ऑपरेटरों के हाथों में संचालन
इस मेट्रो लाइन की एक खास विशेषता यह है कि इसका संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। इसे देश में महिला भागीदारी और जेंडर-इन्क्लूसिव सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके अलावा, परियोजना की कुल बिजली जरूरत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने की योजना है।
4 नवंबर से यात्रियों के लिए सेवा
पिंक लाइन पर यात्रियों के लिए व्यावसायिक सेवाएं 4 नवंबर 2026 से शुरू हो रही हैं। इस कॉरिडोर में कुल 23 स्टेशन हैं, लेकिन शुरुआती चरण में 17 स्टेशनों पर ही यात्रियों को सुविधा मिलेगी। बाकी छह स्टेशन चरणबद्ध तरीके से खोले जाने हैं। पीक आवर्स में ट्रेनें लगभग छह मिनट के अंतराल पर और सामान्य समय में करीब 12 मिनट के अंतराल पर चलेंगी।
चार नए मेट्रो कॉरिडोर की आधारशिला
पिंक लाइन के उद्घाटन के साथ ही पुणे मेट्रो के दूसरे चरण के तहत चार नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी गई। इन परियोजनाओं पर लगभग 13,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इनमें वनाज से चांदनी चौक, रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी, खराड़ी से खडकवासला और नाल स्टॉप से माणिक बाग तक के मार्ग शामिल हैं। इनसे पुणे के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।
आईटी और रिहायशी इलाकों को मिलेगा फायदा
नए कॉरिडोर खराड़ी, वाघोली, मगरपट्टा, हड़पसर, स्वारगेट, खडकवासला, वारजे और नांदेड़ सिटी जैसे प्रमुख इलाकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की दिशा में तैयार किए जा रहे हैं। मौजूदा मेट्रो नेटवर्क और इंटरचेंज सुविधाओं के साथ इनका एकीकरण यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने में मदद करेगा। खास तौर पर आईटी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।
शहरी परिवहन को नई दिशा
पिंक लाइन और दूसरे चरण के चार नए कॉरिडोर को मिलाकर लगभग 21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं का यह विस्तार पुणे के सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना, सड़क यातायात का दबाव घटाना और शहर के प्रमुख रोजगार एवं व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच आसान बनाना है। हालांकि, वास्तविक लाभ यात्रियों की संख्या, सेवा की नियमितता और नए कॉरिडोर के समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगा।

