KOSHI VOICE • आपकी आवाज़, आपकी खबर240 City Digital News Network
KOSHI VOICEKOSHI VOICEBIHAR • INDIA • HYPERLOCAL
BREAKINGपुणे मेट्रो का बड़ा विस्तार: 23.2 किमी लंबी पिंक लाइन शुरू, चार नए कॉरिडोर की आधारशिला
प्रमुख खबरें

भारतीय नौसेना को मिलेंगी 8 नई Next Generation Corvettes, ₹53,866 करोड़ का रक्षा अनुबंध; GRSE बनाएगा 5 युद्धपोत

अभी-अभी • KOSHI VOICE Desk

भारतीय नौसेना को मिलेंगी 8 नई Next Generation Corvettes, ₹53,866 करोड़ का रक्षा अनुबंध; GRSE बनाएगा 5 युद्धपोत

आठ नए युद्धपोतों के लिए बड़ा रक्षा अनुबंध

भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को भारतीय नौसेना के लिए आठ Next Generation Corvettes (NGCs) के निर्माण और अधिग्रहण को लेकर ₹53,866.50 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। यह अनुबंध नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हुआ।

GRSE और गोवा शिपयार्ड को मिली जिम्मेदारी

इस परियोजना के तहत कोलकाता स्थित Garden Reach Shipbuilders & Engineers Limited (GRSE) पांच कॉर्वेट का निर्माण करेगा, जबकि Goa Shipyard Limited (GSL) तीन युद्धपोत बनाएगा। दोनों कंपनियां रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हैं। इनका चयन प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए किया गया है।

भारतीय नौसेना खुद करेगी युद्धपोतों का डिजाइन

इस परियोजना की एक खास बात यह है कि आठों युद्धपोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना ने स्वदेशी रूप से तैयार किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें नौसेना द्वारा स्वदेशी डिजाइन किए गए युद्धपोतों का निर्माण प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से चुने गए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्ड करेंगे। इससे भारत की घरेलू युद्धपोत डिजाइन और निर्माण क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

मिसाइल, हथियार और आधुनिक सेंसर से होंगे लैस

इन कॉर्वेट में आधुनिक मिसाइल प्रणाली, हथियार और अत्याधुनिक सेंसर लगाए जाएंगे। इनकी क्षमता समुद्र की सतह, पानी के भीतर और हवाई क्षेत्र से जुड़े खतरों का मुकाबला करने के लिए विकसित की जाएगी। नौसेना इनका इस्तेमाल एंटी-सरफेस वारफेयर, एंटी-सबमरीन वारफेयर, तटीय सुरक्षा और समुद्री निगरानी जैसे अभियानों में कर सकेगी।

समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा होगी मजबूत

भारत के लिए समुद्री व्यापार मार्ग आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। नई कॉर्वेट की तैनाती से समुद्री निगरानी, जहाजों की सुरक्षा, तटीय क्षेत्रों की रक्षा और समुद्र में नौसेना की मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। ये युद्धपोत समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा अभियानों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराएंगे।

रोजगार और घरेलू रक्षा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

रक्षा मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, अगले दस वर्षों में इस परियोजना से शिपयार्ड में लगभग 72 लाख व्यक्ति-दिवस का रोजगार और सहायक उद्योगों तथा MSME क्षेत्र में करीब 460 लाख व्यक्ति-दिवस का रोजगार पैदा हो सकता है। परियोजना में भारतीय कंपनियों, निजी शिपयार्ड और घरेलू आपूर्तिकर्ताओं की भागीदारी से देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

#IndianNavy #NextGenerationCorvettes #DefenceContract #GRSE #MakeInIndia
Published by Koshi Voice News Desk
राष्ट्र प्रथम, जन-जन की आवाज़! कोशी वॉइस (Koshi Voice) बिहार और देश-दुनिया की हर ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीतिक हलचल और जमीनी हकीकत को बिना डरे, बिना झुके आप तक पहुँचाने वाला सबसे विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है। निष्पक्ष पत्रकारिता ही हमारा संकल्प है।

← होमपेज पर वापस जाएँ