वैशाली में यूट्यूबर कुंदन कुमार की गिरफ्तारी पर बवाल, कोर्ट ने पुलिस का रिमांड आवेदन किया खारिज
बिहार के वैशाली जिले में एक यूट्यूबर की गिरफ्तारी ने हरिलोचनपुर थाना क्षेत्र में भारी विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस ने कुंदन कुमार नामक यूट्यूबर को देर रात उसके घर से गिरफ्तार कर लोडेड देसी कट्टे के साथ रंगे हाथों पकड़ने और आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज करने का दावा किया है। वहीं, परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई को फर्जी और मनगढ़ंत बताते हुए पुलिस पर मारपीट और कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की सुनवाई करते हुए हाजीपुर कोर्ट ने पुलिस के रिमांड आवेदन को खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला वैशाली जिले के हरिलोचनपुर थाना क्षेत्र के अफजलपुर पुरैना गांव का है। पुलिस का दावा है कि शनिवार (29 अगस्त) देर रात छापेमारी कर यूट्यूबर कुंदन कुमार को उसके घर से एक लोडेड देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने दावा किया कि कुंदन को रंगे हाथों पकड़ा गया और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप
पुलिस के इस दावे को ग्रामीणों और परिजनों ने सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि शनिवार देर रात हरिलोचनपुर थाने की पुलिस ने अचानक कुंदन के घर पर छापा मारा और बिना कोई गिरफ्तारी वारंट या पंचनामा दिखाए उसे उठा ले गई। जब परिजनों ने गिरफ्तारी का कारण पूछा तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी की। परिजनों ने अपने शरीर पर चोट के निशान भी दिखाए।
गिरफ्तारी से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीण देर रात करीब एक बजे हरिलोचनपुर थाने पहुंच गए। शुरुआत में पुलिस ने ग्रामीणों को शांत करते हुए कहा कि कुंदन को केवल पूछताछ के लिए लाया गया है। हालांकि, सुबह थानाध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि कुंदन को देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के इस पलटवार से ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया।
पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर कुंदन कुमार को रिमांड के लिए हाजीपुर कोर्ट पेश किया। ग्रामीणों के अनुसार, अदालत ने हथियार बरामदगी से जुड़े पुख्ता साक्ष्य पेश न करने पर पुलिस को फटकार लगाई और रिमांड आवेदन को खारिज कर दिया। इस घटना ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भाजपा नेता पवन कुमार पंकज ने स्थानीय विधायक सह मंत्री लखेंद्र पासवान पर यूट्यूबर की गिरफ्तारी के पीछे मिलीभगत का आरोप लगाया है।
वैशाली की इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट द्वारा रिमांड खारिज किए जाने के बाद अब मामले की न्यायिक जांच की मांग तेज हो गई है। कोशी वॉइस न्यूज़ इस मामले पर नज़र बनाए रखेगा और आपको हर अपडेट से अवगत कराता रहेगा। ‘कानून का दुरुपयोग किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है – सच्चाई सामने आनी चाहिए।’
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