
22 भारतीय भाषाओं को समझेगा स्वदेशी AI मॉडल; ChatGPT की तुलना में 95% सस्ता, डेटा रहेगा देश के भीतर ही सुरक्षित
📍 बेंगलुरु / नई दिल्ली
भारत की प्रमुख स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी सार्वम AI (Sarvam AI) ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा है कि वह अगले छह महीनों के भीतर देश का पहला ट्रिलियन-पैरामीटर (Trillion-Parameter) AI मॉडल विकसित करेगी।
यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे महत्वाकांक्षी AI प्रोजेक्ट होगा, जो वैश्विक स्तर पर OpenAI, Google और Anthropic जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को सीधी चुनौती देगा। सार्वम AI ने इसे भारत की AI क्षेत्र में ‘पूर्ण आत्मनिर्भरता’ की ओर ऐतिहासिक छलांग बताया है।
“प्रति मिलियन टोकन मात्र ₹96 की कम लागत और 22 भारतीय भाषाओं के समर्थन के साथ यह मॉडल भारतीय AI क्रांति का नया चेहरा बनेगा।”
🚀 स्वदेशी AI मॉडल की मुख्य विशेषताएं
• भारतीय भाषाओं की समझ: यह मॉडल संविधान में शामिल सभी 22 आधिकारिक भाषाओं और क्षेत्रीय बोलियों में सहजता से कार्य करेगा।
• अत्यंत किफ़ायती: प्रति 1 Million Tokens पर लागत मात्र ₹96 ($1.2) होगी, जो वैश्विक मॉडलों से 95% सस्ती है।
• डेटा सुरक्षा: मॉडल का सारा डेटा भारत के ही डेटा सेंटर्स में होस्ट रहेगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और निजता सुनिश्चित होगी।
‘India AI Mission’ का समर्थन और भविष्य की राह
हाल ही में 4.5 करोड़ डॉलर (₹375 करोड़) की फंडिंग जुटाने वाली सार्वम AI को केंद्र सरकार के ‘India AI Mission’ का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। इस ट्रिलियन-पैरामीटर मॉडल के सफल होने के बाद भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास अपनी उच्च-स्तरीय जनरेटिव AI तकनीक मौजूद है।



