
कागज़ी नोटों के मुकाबले ज्यादा टिकाऊ और सुरक्षित होंगे पॉलिमर नोट, ट्रायल की सफलता के बाद लागू हो सकती है स्थायी नीति
📍 नई दिल्ली
भारतीय मुद्रा (Indian Currency) के इतिहास में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलिमर (प्लास्टिक) नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत शुरुआती परीक्षण के लिए लगभग 200 करोड़ प्लास्टिक नोट छापे जाएंगे।
सरकार और RBI का उद्देश्य यह देखना है कि भारतीय जलवायु, अत्यधिक उपयोग की परिस्थितियों और दैनिक लेनदेन में ये नोट कितने व्यावहारिक साबित होते हैं। यदि यह ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में देश भर में व्यापक स्तर पर पॉलिमर करेंसी को चलन में लाया जा सकता है।
“पॉलिमर नोट पानी और नमी से खराब नहीं होते, जल्दी नहीं फटते और इनकी लाइफ कागज़ी नोटों की तुलना में काफी ज्यादा होती है।” — बैंकिंग विशेषज्ञ
नकल रोधी सुरक्षा और प्रिंटिंग लागत में कमी
विशेषज्ञों के अनुसार, प्लास्टिक नोटों का सबसे बड़ा फायदा उनकी लंबी उम्र (Durability) है। कागज़ी नोटों के मुकाबले ये जल्दी गंदे नहीं होते और न ही आसानी से फटते हैं। बार-बार फटे-पुराने नोटों को बदलने की आवश्यकता कम होने से RBI की नोट प्रिंटिंग लागत में भारी बचत होगी। इसके साथ ही, पॉलिमर नोटों में एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स होते हैं, जिससे नकली नोटों की रोकथाम में बड़ी मदद मिलेगी।
पुराने कागज़ी नोटों का क्या होगा?
नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि वर्तमान में चल रहे ₹10 और ₹20 के सभी कागज़ी नोट पूरी तरह वैध (Legal Tender) बने रहेंगे। यह प्रक्रिया केवल एक प्रायोगिक परीक्षण (Pilot Test) है और इससे आम लोगों के पास मौजूद वर्तमान करेंसी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भविष्य में निर्णय होने पर RBI द्वारा आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।



