
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस का जोरदार हमला, 20 तारीख की लाठीचार्ज घटना पर गहराया राजनीतिक घमासान
📍 नई दिल्ली
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अचानक आए इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए एक बहुत बड़ा और राजनीतिक रूप से अहम बयान दिया है।
“धर्मेंद्र प्रधान ने खुद स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि देश के युवाओं और आक्रोशित नौजवानों ने अपने संघर्ष के दम पर उनसे उनका इस्तीफा छीना है।” — पवन खेड़ा
पवन खेड़ा ने आगे कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के पद छोड़ देने से छात्रों और युवाओं के साथ न्याय पूरा नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन सिर्फ एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था, बल्कि यह पूरी व्यवस्था और पारदर्शिता की मांग को लेकर उठाई गई आवाज है। जब तक युवाओं की सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक इंसाफ अधूरा ही माना जाएगा।
20 तारीख की पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री से सीधे सवाल
अपने बयान में पवन खेड़ा ने 20 तारीख को प्रदर्शन कर रहे बेकसूर युवाओं और छात्रों के ऊपर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि गृह मंत्रालय को इस बर्बरता की जिम्मेदारी लेनी होगी।
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री को देश के सामने आकर यह साफ-साफ बताना होगा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपना हक मांग रहे नौजवानों के साथ हुई हिंसा और लाठीचार्ज के पीछे किसकी शह थी? इसके लिए कौन-कौन से अधिकारी और नीतियां जिम्मेदार हैं?”
पवन खेड़ा के इस आक्रामक बयान के बाद देश भर में छात्रों के आंदोलन, प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और सरकार की प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस अत्यधिक तेज हो गई है। विपक्ष अब इस मुद्दे पर गृह मंत्री के इस्तीफे और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ गया है।


