
🌾 नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सत्र के लिए 14 प्रमुख फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने के उद्देश्य से नई दरों को मंजूरी दी है।
🔍 नए न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत सामान्य धान की MSP बढ़कर ₹2,441 प्रति क्विंटल (ग्रेड-ए ₹2,461) कर दी गई है। वहीं मक्का ₹2,410 प्रति क्विंटल, अरहर (तूर) ₹8,450 प्रति क्विंटल, मूंग ₹8,780 प्रति क्विंटल, उड़द ₹8,200 प्रति क्विंटल, सोयाबीन (पीला) ₹5,708 प्रति क्विंटल और कपास (मीडियम स्टेपल) ₹8,267 प्रति क्विंटल तय की गई है। सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी के बीज में ₹622 प्रति क्विंटल की गई है।
- 👉 धान (सामान्य): ₹2,441/क्विंटल (₹72 की बढ़ोतरी)
- 👉 दलहन (अरहर/उड़द): अरहर ₹8,450 और उड़द ₹8,200 प्रति क्विंटल
- 👉 कपास व तिलहन: कपास ₹8,267 और सोयाबीन ₹5,708 प्रति क्विंटल
- ⚖️ लागत पर लाभ: उत्पादन लागत पर कम से कम 50% से 61% तक के मार्जिन की गारंटी
🗣️ सरकार का तर्क: सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई एमएसपी दरें केंद्रीय बजट 2018-19 के उस वादे के अनुरूप हैं, जिसमें उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत से कम से कम 1.5 गुना (50% अधिक) मूल्य देने की घोषणा की गई थी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य देश में दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों (श्री अन्न) के उत्पादन को बढ़ावा देना और खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता घटाना है।
💡 किसानों पर असर: एमएसपी में वृद्धि से देशभर के करोड़ों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष रूप से बारिश पर निर्भर रहने वाले और सूखाग्रस्त इलाकों में खेती करने वाले किसानों के लिए दलहन और तिलहन की बढ़ी कीमतें लाभदायक साबित होंगी। अनुमान के मुताबिक इस सरकारी खरीद से किसानों की जेब में लगभग ₹2.60 लाख करोड़ का सीधा भुगतान पहुंचेगा।
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