
🐔 काठमांडू: नेपाल की राजधानी काठमांडू घाटी में बर्ड फ्लू के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाकर लगभग 7 लाख मुर्गियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर दिया गया है। इस आपातकालीन कार्रवाई से नेपाल के पोल्ट्री उद्योग को भारी वित्तीय झटका लगा है।
💰 पोल्ट्री फार्म मालिकों और किसानों को इस भारी नुकसान से उबारने के लिए सरकार ने 52 करोड़ रुपये के मुआवज़े का ऐलान किया है। कृषि और पशुपालन मंत्रालय के अनुसार, यह राहत राशि सीधे प्रभावित किसानों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से खड़ा कर सकें।
- 👉 संक्रमण पर नकेल: काठमांडू घाटी में बर्ड फ्लू को रोकने के लिए लगभग 7 लाख पोल्ट्री पक्षियों को मारा गया।
- 💸 राहत पैकेज: प्रभावित किसानों और फार्म मालिकों को 52 करोड़ रुपये का मुआवज़ा स्वीकृत।
- ⚠️ हाई अलर्ट: संक्रमण प्रभावित इलाकों को सील कर बायो-सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू।
🛡️ सख्त बायो-सिक्योरिटी लागू: प्रशासन ने संक्रमित पोल्ट्री फार्मों के आसपास के इलाकों को सर्विलांस ज़ोन घोषित कर दिया है। मुर्गियों, अंडों और दाने के परिवहन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। पशु स्वास्थ्य अधिकारियों की विशेष टीमें घर-घर जाकर पोल्ट्री फार्मों की जांच कर रही हैं ताकि वायरस के नए केंद्र का तुरंत पता लगाया जा सके।
🚨 सीमावर्ती क्षेत्रों पर असर: नेपाल में बर्ड फ्लू के प्रकोप को देखते हुए भारत-नेपाल सीमावर्ती जिलों जैसे कि अररिया, सुपौल, किशनगंज और पूरनपुर में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में पोल्ट्री उत्पादों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चौकसी कड़ी कर दी गई है।
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उचित प्रमाण मिलने पर मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई लागू नियमों के अनुसार की जाएगी।



