BPSC परीक्षा विवाद: पटना में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस का जल-कैनन और लाठीचार्ज, 25 छात्र हिरासत में
बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को 70वीं BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर छात्रों का बड़ा प्रदर्शन हुआ। गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास और राजभवन की ओर मार्च कर रहे सैकड़ों छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए जल-कैनन (वॉटर कैनन) और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान करीब 25 छात्रों को हिरासत में लिया गया है।
पेपर लीक और अनियमितता का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्र 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इस परीक्षा में पेपर लीक हुआ है और इसमें कई अनियमितताएं हैं। इसके अलावा, वे राज्य में बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी को लेकर भी अपनी नाराजगी जता रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी, विकास भट्ट ने कहा, “हमारी मांग है कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए। हम राज्य में बार-बार हो रहे पेपर लीक के मुद्दे उठा रहे हैं… लाइब्रेरियन की भर्ती 18 साल से नहीं हुई है; क्या इसके लिए 1,800 साल चाहिए?”
प्रदर्शन के दौरान झड़प और हिरासत
प्रदर्शन के दौरान गांधी मैदान से सीएम आवास तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जब छात्रों ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए जल-कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं टस-से-मस हुए और उन्होंने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। झड़प के दौरान करीब 25 छात्रों को हिरासत में लिया गया।
इस बीच, BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह का एक बयान भी विवादों में आ गया है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आंदोलनकारियों के सवालों के जवाब में एक कहावत का इस्तेमाल किया, जिसे छात्रों के लिए अपमानजनक माना जा रहा है। इस बयान के बाद से ही प्रदर्शन और तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने भी इस मामले पर सरकार और पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का यह आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने और पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि, बिहार के शिक्षा मंत्री ने दावा किया है कि छात्रों के मुद्दों का समाधान कर दिया गया है, लेकिन प्रदर्शनकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं और अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
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