
लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा 3 पन्नों का नोटिस; गृह मंत्री अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगने की मांग, विशेषाधिकार समिति को मामला भेजने की सिफारिश
📍 नई दिल्ली
लोकसभा में एंटी-पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर एक नया बड़ा राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक तीन पन्नों का औपचारिक नोटिस सौंपकर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) और सदन की अवमानना (Contempt of House) का प्रस्ताव दाखिल किया है।
अनुराग ठाकुर का आरोप है कि राहुल गांधी ने 29 जुलाई को सदन में अपने भाषण के दौरान ‘स्टूडेंट्स, इडियट्स और अंधभक्त’ जैसे शब्दों का प्रयोग कर संसदीय मर्यादा और नियमों (संसदीय नियम 352) का गंभीर उल्लंघन किया है।
“राहुल गांधी ने बिना साक्ष्य गृह मंत्री पर आरोप लगाए और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्हें सदन और गृह मंत्री से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।” — अनुराग ठाकुर
💬 क्या था राहुल गांधी का वो बयान जिस पर मचा बवाल?
29 जुलाई को लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर एक छात्रा से हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए समाज में लोगों की तीन श्रेणियां बताई थीं। उन्होंने कहा था कि ‘स्टूडेंट’ वह है जो सच्चाई के पीछे चलता है, ‘इडियट’ वह जो खुद को सर्वज्ञ या भगवान मानता है, और ‘अंधभक्त’ वह जिसे यकीन हो कि वह इडियट ही भगवान है। हालांकि राहुल गांधी ने स्पष्ट किया था कि वे किसी सदस्य का नाम नहीं ले रहे हैं, लेकिन सत्तापक्ष ने इसे गृह मंत्री और अपनी विचारधारा पर सीधा हमला माना।
अब आगे क्या होगा?
इस नोटिस पर अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का निर्णय बेहद महत्वपूर्ण होगा। यदि वे इस नोटिस को स्वीकार कर लेते हैं, तो मामला संसद की विशेषाधिकार समिति (Privileges Committee) के पास भेजा जाएगा, जहां राहुल गांधी को अपना व्यक्तिगत पक्ष रखना पड़ सकता है।



