सुपौल: भारत-नेपाल सीमा पर 7 किमी पैदल निरीक्षण, तस्करी व अवैध निर्माण पर नज़र, संयुक्त अभियान जारी
बिहार के सुपौल जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा निरीक्षण अभियान चलाया। जिलाधिकारी सावन कुमार के नेतृत्व में पुलिस, एसएसबी (45वीं बटालियन) और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने वीरपुर नगर पंचायत क्षेत्र से मुंशी पिपराही बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) तक 7 किलोमीटर का पैदल मार्च किया। यह निरीक्षण नो मैन्स लैंड पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण और तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से किया गया।
सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए चलाए गए इस अभियान में टीम ने बॉर्डर रोड और मुंशी पिपराही सीमा तक पैदल चलकर हर संवेदनशील स्थान का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में मिले दो-पहिया और चार-पहिया वाहनों की गहनता से जांच की गई, जिससे अवैध परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लग सके। यह कदम सीमा पर बढ़ती अवैध गतिविधियों के मद्देनजर उठाया गया।
केंद्र सरकार के निर्देशों पर अमल
यह निरीक्षण सीमा सुरक्षा पर बढ़ते फोकस का हिस्सा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में सीमावर्ती इलाकों में अवैध निर्माण, घुसपैठ, नकली मुद्रा और अतिक्रमण पर “शून्य-सहिष्णुता” नीति अपनाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के तहत जिला प्रशासन को सीमा पर अतिक्रमण हटाने और अवैध गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखने को कहा गया था।
हाल ही में संपन्न भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह (JWG) की 14वीं बैठक में भी सीमा प्रबंधन, अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में दोनों देशों ने सीमा सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। सुपौल का यह निरीक्षण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सुपौल जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस और एसएसबी की संयुक्त गश्त और चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने आम लोगों से सीमा क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या एसएसबी को देने की अपील की है।
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