दिल्ली पुलिस ने कैंसर इंजेक्शन चोरी के अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, राजस्थान के RMSCL को नोटिस
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उस अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है जो राजस्थान के सरकारी अस्पतालों से जीवन रक्षक कैंसर इंजेक्शन चोरी कर दिल्ली के ब्लैक मार्केट में आपूर्ति कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 22 वायल (शीशियाँ) बरामद की गई हैं, जिनमें Darzalex, Imfinzi, Erbitux, Bavencio, Adcetris और Keytruda जैसी अत्यंत महंगी दवाएं शामिल हैं। साथ ही पुलिस ने मौके से ₹27.19 लाख नकद भी बरामद किया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि बरामद की गई चार Bavencio की शीशियाँ (बैच AU052510) राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMSCL) को आपूर्ति की गई थीं। ये दवाएं बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और उदयपुर के सरकारी अस्पतालों, खासकर बीकानेर के अचार्य तुलसी क्षेत्रीय कैंसर अनुसंधान एवं उपचार संस्थान को आपूर्ति की गई थीं। इससे यह संकेत मिलता है कि चोरी की गई दवाओं की सप्लाई चेन सीधे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी हुई है।
गिरोह का तरीका और नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दवाओं की पहचान छिपाने के लिए एसीटोन जैसे रसायनों का उपयोग कर बैच नंबर और MRP मिटा दिए थे। इसके बाद असली पैकेजिंग को पुनः उपयोग में लाकर उन्हें बाजार में असली दवाओं के रूप में बेचा जाता था। गिरोह का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, राजस्थान, हैदराबाद, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में अस्पताल कर्मचारी, दलाल, फार्मेसी मालिक और वितरक शामिल थे। कुछ नर्सिंग स्टाफ सीधे अस्पतालों से दवाएं चुराते थे, जबकि ऑन्कोलॉजिस्ट के सहायक उन वायलों को ब्लैक मार्केट तक पहुंचाने का काम करते थे। दिल्ली के रोहिणी, पूर्वी दिल्ली और मुंबई में संयुक्त छापेमारी कर यह कार्रवाई की गई।
राजस्थान सरकार की सख्त कार्रवाई
इस पूरे मामले ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिन्वसर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और RMSCL को नोटिस जारी किया है। जांच समिति दवाओं की पूरी सप्लाई चेन, स्टॉक रजिस्टर और अस्पताल-स्तरीय वितरण रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने गंभीर रूप से बीमार कैंसर मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि उन्हें नकली या चोरी की दवाएं मिलने का खतरा पैदा हो गया है। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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