झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने के सरकारी आदेश पर लगाई रोक, नियुक्तियों को संरक्षण
झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर बड़ी राहत देते हुए रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की पीठ ने 11वीं से 13वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, JSSC-CGL और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहित 22 परीक्षाओं को रद्द करने वाले सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगाई है। अदालत ने कहा कि यह आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत (Principle of Natural Justice) का उल्लंघन करता है, क्योंकि सफल उम्मीदवारों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया।
सरकार का फैसला और अदालत की नाराजगी
राज्य सरकार ने 18 अगस्त को 25 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद यह फैसला लिया था, जिसमें कुल 45 परीक्षाओं को रद्द या स्थगित कर दिया गया था। सरकार ने कथित अनियमितताओं के लिए TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके द्वारा 2014 से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। रद्द की गई परीक्षाओं में ड्रग इंस्पेक्टर, सहायक प्रोफेसर, उप संग्रहकर्ता, सहायक अभियंता, सिविल जज और वन क्षेत्राधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल थे, जिससे हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए थे।
याचिकाकर्ताओं की दलील और अगली सुनवाई
याचिकाकर्ताओं, जिनमें कई पहले से ही सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारी शामिल हैं, ने अदालत में तर्क दिया कि सरकार ने एकतरफा सभी सफल उम्मीदवारों को दंडित कर दिया, जबकि कथित अनियमितताओं के लिए केवल दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वकील इंद्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने अदालत में पक्ष रखा। अदालत ने सरकार से 15 सितंबर तक जवाब मांगा है, जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।
हाईकोर्ट के इस आदेश से लगभग 450 उम्मीदवारों को सीधी राहत मिली है, जिनकी नियुक्तियां अब सुरक्षित मानी जा रही हैं। फिलहाल, रद्दीकरण आदेश पर रोक बनी हुई है। हालांकि, सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक समिति गठित की है। सरकार परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं की जांच जारी रखेगी, लेकिन अब उसे अदालत में अपने फैसले का बचाव करना होगा। इस मामले में याचिकाकर्ताओं में अवधेश कुमार, दीपमाला, सोनम कुमारी और सौरभ सिंह सहित कई सफल उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि प्रतिवादी के रूप में झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पक्ष बनाया गया है।
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