बेंगलुरु की Milkvilla: 12 घंटे में किसान से ग्राहक तक ताजा दूध, किसानों को 70% राजस्व
बेंगलुरु स्थित डेयरी-टेक स्टार्टअप Milkvilla ने दूध उद्योग में एक नया मॉडल पेश किया है, जिसमें दूध को किसान से ग्राहक तक मात्र 12 घंटे में पहुंचाया जाता है। यह प्रक्रिया बिना किसी प्रोसेसिंग, बिना केमिकल और बिना प्लास्टिक पैकेजिंग के पूरी की जाती है। Milkvilla की स्थापना 2021 में मुजफ्फरपुर (बिहार) के भाई मन्नू जी और अमन जी ने की थी, जिन्होंने अपने पिता को दूध के कारोबार में होने वाली परेशानियों को करीब से देखा था।
मिल्कविला की सप्लाई चेन पारंपरिक मॉडल से बिल्कुल अलग है। पारंपरिक व्यवस्था में दूध ग्राहक तक पहुंचने में 7 से 10 दिन लग जाते हैं, जिसमें प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और रिटेलिंग के दौरान कई केमिकल मिलाए जाते हैं। Milkvilla की प्रक्रिया सीधी है – फार्म से कूलिंग, फिर डिलीवरी हब, और फिर ग्राहक तक, जिसमें पूरा समय लगभग 12 घंटे का होता है। कंपनी की स्पेशल मिल्क कलेक्शन वैन किसान के दरवाजे पर जाती है, जहां दूध को तुरंत 4 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जाता है, जिससे बिना किसी केमिकल के इसकी शेल्फ लाइफ 24 घंटे तक बढ़ जाती है।
हाइपरलोकल प्रोक्योरमेंट और किसानों को सीधा लाभ
Milkvilla हाइपरलोकल प्रोक्योरमेंट मॉडल का पालन करती है, जिसमें दूध को शहर के नजदीकी क्षेत्रों से सोर्स किया जाता है। मुजफ्फरपुर में यह आसपास के गांवों के किसानों से काम लेती है, जबकि बेंगलुरु में दूध रामनगर जिले के डेयरी किसानों से आता है। कंपनी वर्तमान में 350 से अधिक डेयरी किसानों के साथ काम करती है और 60-70% राजस्व सीधे किसानों को देती है। Milkvilla 10,000 से अधिक सक्रिय ग्राहकों को सेवा दे रही है, जो कंपनी के ऐप के माध्यम से अपने ऑर्डर को ट्रैक कर सकते हैं।
कंपनी केवल दूध तक सीमित नहीं है, बल्कि पनीर, घी और पेड़ा जैसे उत्पाद भी डिलीवर करती है। इन सभी उत्पादों के लिए एक ही सप्लाई चेन का उपयोग किया जाता है, जिसे Milkvilla ने हाल ही में पेटेंट कराया है। मिल्कविला ज्यादातर A2 दूध वितरित करता है, जो देशी गायों से प्राप्त होता है और आसानी से पचने वाला माना जाता है। कंपनी प्लास्टिक-फ्री डिलीवरी के लिए स्टेनलेस स्टील के कैन, नारियल के खोल, केले के पत्ते और मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करती है।
मुनाफे की ओर बढ़ता कदम और विस्तार योजना
Milkvilla ने पिछले चार महीनों से मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है और इसका मासिक आवर्ती राजस्व (MRR) ₹1 करोड़ है। कंपनी ने अपने भाइयों के निजी फंड से ₹1.5 करोड़ का निवेश किया है। अब Milkvilla अगले छह महीनों में ₹15 करोड़ की सीड फंडिंग जुटाकर बेंगलुरु में 10 डिलीवरी हब तक विस्तार करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में पूरे देश में ताजा दूध पहुंचाने वाली कंपनी के रूप में जाना जाना है।
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