यूपी को सौगात: 135 किमी लखनऊ-अयोध्या एक्सप्रेसवे को मंजूरी
8,500 करोड़ की लागत से बनेगा 135 किमी लंबा नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर; मात्र 2 घंटे में पूरा होगा सफर, 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य
📍 लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | विशेष बुनियादी ढांचा रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र और धार्मिक पर्यटन को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी देने की दिशा में केंद्र व राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने महत्वाकांक्षी लखनऊ-अयोध्या एक्सप्रेसवे (Lucknow-Ayodhya Expressway) परियोजना को औपचारिक रूप से हरी झंडी दे दी है। लगभग ₹8,500 करोड़ की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाला यह 135 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे वर्ष 2030 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।
135 किमी कुल लंबाई, ₹8,500 करोड़ की लागत और 4-लेन (6-लेन तक विस्तार योग्य) एक्सेस-कंट्रोल्ड डिजाइन।
यह नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राज्य की राजधानी लखनऊ के बाहरी हिस्से (आउटर रिंग रोड) से शुरू होकर सीधे रामनगरी अयोध्या तक पहुंचेगा। वर्तमान में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग के जरिए लखनऊ से अयोध्या जाने वाले यात्रियों को अक्सर भारी जाम और संकरे चौराहों के कारण 4 से 5 घंटे तक का समय लग जाता है। लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह सफर घटकर महज 2 घंटे में पूरा हो जाएगा।
प्रारंभिक डिजाइन के अनुसार इसे एक्सेस-कंट्रोल्ड 4-लेन हाईवे के रूप में तैयार किया जाएगा, जिसमें भविष्य में वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 6-लेन तक विस्तार करने की सुविधा होगी। रास्ते में पड़ने वाले स्थानीय शहरों और कस्बों को बाधारहित आवाजाही प्रदान करने के लिए बड़ी संख्या में बड़े पुल, फ्लाईओवर, व्हीकुलर अंडरपास (VUP) और सर्विस लेन का निर्माण किया जाएगा।
🚩 धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा और अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को राहत
अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। लखनऊ एयरपोर्ट और रेलवे जंक्शन से सीधे अयोध्या जाने वाले राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए यह एक्सप्रेसवे एक लाइफलाइन साबित होगा। इससे न केवल आम यात्रियों को जाम से मुक्ति मिलेगी बल्कि एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी बिना किसी बाधा के त्वरित मार्ग मिलेगा।
एक्सप्रेसवे के समानांतर औद्योगिक गलियारे, लॉजिस्टिक पार्क और हजारों नए रोजगार के अवसरों का होगा सृजन।
सड़क परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे का यह विकास पूर्वी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र को पूरी तरह बदल देगा। एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउसिंग और व्यापारिक केंद्रों को विकसित करने की योजना बना रही है।
इसके निर्माण कार्य के दौरान रियल एस्टेट, निर्माण सामग्री उद्योग और स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ दो बड़े धार्मिक व प्रशासनिक शहरों को जोड़ेगा, बल्कि अवध और पूर्वांचल के आर्थिक पहिए को भी नई रफ्तार देगा।


