नेपाल: मानसून का कहर! अरणिको राजमार्ग ठप, 117 की मौत, 20 जिलों में अलर्ट
भीषण तबाही: लगातार बारिश से नेपाल के 7 प्रमुख राजमार्ग अवरुद्ध; सिंधुपालचोक में अरणिको हाईवे पूरी तरह ठप, 47 लोग लापता
📍 काठमांडू (नेपाल) | विशेष रिपोर्ट
नेपाल में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने इस वर्ष भीषण तबाही मचाई है। देशभर में बाढ़ और भूस्खलन के कारण अरणिको, मेची, पासांग ल्हामू समेत 7 प्रमुख राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में मानसून से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 117 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 47 लोग अभी भी लापता हैं।
बाढ़ और भूस्खलन के चलते 20 से अधिक जिलों की छोटी नदियों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है, जिससे हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं। सिंधुपालचोक जिले के भोटेकोशी ग्रामीण नगरपालिका में अरणिको राजमार्ग पर जीरोकिलो, कोदरी और लिपिंग क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप पड़ा है।
🚨 चेतावनी: मौसम विभाग (DHM) ने कोशी और मधेश प्रदेशों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नदी किनारे और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में रहने वालों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
🛣️ प्रभावित राजमार्ग और संपर्क टूटा
मेची राजमार्ग इलाम नगरपालिका-9 में कीचड़ भरी सड़क के कारण अवरुद्ध है। सोलुखुम्बु के खुम्बु पासांग ल्हामू ग्रामीण नगरपालिका-1 में पासांग ल्हामू मार्ग का खतले क्षेत्र में हिस्सा बंद है। इसके अलावा, मिड-हिल हाईवे, बीपी हाईवे, कांति हाईवे, भेरी कॉरिडोर, नाग्मा-गमगढ़ी रोड और कालीगंडकी कॉरिडोर के कई हिस्से भी बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हैं। सैकड़ों परिवार विस्थापित हो गए हैं और कई इलाकों में बिजली एवं संचार सेवाएं ठप हैं।
👨🚒 राहत और बचाव कार्य जारी
नेपाल पुलिस के अनुसार, अकेले पिछले 36 घंटों में 42 लोगों की मौत हुई। म्याग्दी जिले में कालीगंडकी नदी को अवरुद्ध करने वाले भूस्खलन ने हजारों ग्रामीणों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग की अपील की है। सरकार ने बचाव अभियानों में कमियों को दूर करने की प्रतिबद्धता जताई है।



