नेपाली कांग्रेस विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मानी पुनर्विचार याचिका
शेर बहादुर देउबा और पूर्ण बहादुर खड़का की याचिका पर फैसला; तीन-सदस्यीय पीठ नए सिरे से करेगी नेतृत्व विवाद की सुनवाई
📍 काठमांडू (नेपाल) | विशेष रिपोर्ट
नेपाल की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक पार्टी नेपाली कांग्रेस में आधिकारिक नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान अब एक बार फिर कानूनी मोड़ पर पहुंच गई है। नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने पार्टी के नेतृत्व विवाद से जुड़े अपने पिछले फैसले पर पुनर्विचार (Review Petition) की अनुमति दे दी है।
प्रधान न्यायाधीश डॉ. मनोज कुमार शर्मा, न्यायाधीश नित्यानंद पांडे और श्रीकांत पौडेल की पूर्ण पीठ ने पूर्व अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्ण बहादुर खड़का की पुनर्विचार याचिकाओं को स्वीकार कर लिया है।
🏛️ मामले का पृष्ठभूमि: जनवरी 2026 के विशेष महाधिवेशन के बाद गगन थापा को अध्यक्ष चुना गया था, जिसे अप्रैल में कोर्ट ने सही ठहराया था। अब देउबा गुट की पुनर्विचार याचिका स्वीकार होने से यह मामला नए सिरे से तीन जजों की अलग पीठ सुनेगी।
⚖️ कोर्ट के नए फैसले तक गगन थापा का नेतृत्व बरकरार
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि जब तक नई पीठ दोबारा सुनवाई पूरी कर अंतिम फैसला नहीं सुनाती, तब तक चुनाव आयोग द्वारा दी गई गगन थापा के नेतृत्व वाली कार्यसमिति की मान्यता ही प्रभावी रहेगी।
🔥 पार्टी में विभाजन के आसार, 14 अगस्त को राष्ट्रीय सम्मेलन
कानूनी लड़ाई के बीच देउबा खेमे ने 14 से 16 अगस्त को काठमांडू में अपना राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाया है, जिससे पार्टी में टूट की संभावना बढ़ गई है। वहीं, गगन थापा गुट अक्टूबर में अपना महाधिवेशन आयोजित करने की तैयारी में है।


