बिहार में साइबर क्राइम का खौफ: नवादा, नालंदा, पटना टॉप-10 में
राष्ट्रीय रिपोर्ट का चौंकाने वाला खुलासा; नवादा, नालंदा और पटना में 98% बढ़े मामले, DGP ने बनाई ‘6 सूत्री’ नई रणनीति
📍 पटना (बिहार) | विशेष रिपोर्ट
बिहार में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध अब बेहद गंभीर रूप ले चुका है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, राज्य के तीन प्रमुख जिले—नवादा, नालंदा और पटना—देश के टॉप-10 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट में शामिल हो गए हैं।
इन तीनों जिलों में साइबर क्राइम में पिछले साल की तुलना में 98% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, डेटा यह भी खुलासा करता है कि दर्ज मामलों में से 98% आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जो कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
🚨 तफ्तीश में देरी और चुनौतियां: 90% मामलों में ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल गायब पाए गए हैं। बैंक खातों की जानकारी मिलने में देरी के कारण अपराधी समय रहते पैसे निकालकर भागने में सफल हो जाते हैं।
🎯 बिहार DGP का एक्शन प्लान: 6 अहम फैसले
स्थिति पर काबू पाने के लिए बिहार पुलिस महानिदेशक (DGP) ने ‘सिक्स-पॉइंट’ ब्लूप्रिंट तैयार किया है। नई रणनीति के तहत अपराध में प्रयुक्त मोबाइल की ट्रैकिंग 48 से 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से की जाएगी। साथ ही, बैंकों के साथ तालमेल बढ़ाकर 5 से 10 दिनों में संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया जाएगा।
📂 50 हजार लंबित FIR फिर से खुलेंगी
प्रशासन ने एक विशेष “साइबर टास्क फोर्स” गठित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अब तक लंबित या बंद हो चुकी लगभग 50 हजार साइबर FIR को फिर से खोलकर गहनता से जांच की जाएगी। जनता की सहायता के लिए 24/7 हेल्पलाइन और जन-जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा।


