
वीरपुर कोसी बराज खतरे के निशान के करीब; पूर्णिया के अमौर-बैसा में भयंकर कटाव, कनकई नदी उफान पर
📍 पूर्णिया | सीमांचल (बिहार)
नेपाल के तराई इलाकों और झापा जिले में हुई मूसलाधार बारिश के बाद सीमांचल और उत्तर बिहार पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। नेपाल की ओर से छोड़े गए भारी जलप्रवाह के कारण राज्य सरकार ने सीमांचल में अगले 48 घंटों के लिए ‘महा-अलर्ट’ (Maha Alert) जारी कर दिया है।
वीरपुर कोसी बराज का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान (75.32 मीटर) को छूने के करीब पहुंच गया है। वहीं, रौटा क्षेत्र में कनकई नदी का जलस्तर पहले ही लाल निशान को पार कर चुका है। पूर्णिया जिले के अमौर और बैसा प्रखंड क्षेत्रों में नदियों द्वारा भयंकर कटाव शुरू हो गया है।
🚨 प्रभावित नदियां: कोसी, कमला, बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक और महानंदा नदियां उफान पर हैं। प्रशासन ने तटबंधों पर 24 घंटे की सतर्क निगरानी बढ़ा दी है।
🌊 वाल्मीकिनगर और बगहा में भी विकराल स्थिति
जल संसाधन विशेषज्ञों के अनुसार, कोसी बराज से ऐतिहासिक जलस्राव दर्ज किया गया है। उधर पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाली पहाड़ी नदियां उफान पर हैं और बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य मार्ग पर तीन से चार फीट तक पानी बह रहा है, जिससे कई मुख्य संपर्क कट गए हैं।
🚤 प्रशासन की तैयारी और अपील
आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत शिविर, नाव, सूखा राशन, पीने का पानी और मेडिकल किट की पूरी व्यवस्था कर ली है। कोशी वॉइस न्यूज़ नागरिकों से अपील करता है कि वे नदियों के मुहाने और निचले इलाकों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।



