
देश की पहली इंट्रा-विलेज रोड कोडिंग और ग्रेडिंग प्रणाली लागू; GIS मैपिंग से दूर होगी घर ढूंढने की समस्या, बढ़ेगी पारदर्शिता
📍 पटना
बिहार सरकार ने राज्य के ग्रामीण विकास में एक ऐतिहासिक क्रांति की शुरुआत की है। पंचायती राज विभाग ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को ‘ग्राम मानचित्र’ (Gram Manchitra) नामक GIS-आधारित डिजिटल मैपिंग पहल का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस पहल के तहत राज्य के सभी गांवों की सार्वजनिक संपत्तियों, सड़कों, स्कूलों, जल स्रोतों और स्वास्थ्य केंद्रों का डिजिटल मानचित्र तैयार किया जाएगा। इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता में अभूतपूर्व सुधार होगा।
“हर सड़क, गली और रास्ते को यूनिक अल्फ़ान्यूमेरिक और QR कोड मिलेगा। स्कैन करते ही सड़क की चौड़ाई, लोकेशन और डिजिटल रिकॉर्ड सामने आ जाएगा।”
🗺️ क्या-क्या होगा डिजिटल मैप में शामिल?
• सार्वजनिक संपत्तियां: कृषि भूमि, तालाब, नहरें, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी भवन।
• आवास योजनाएं: विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बने पक्के मकानों का डिजिटल ब्योरा।
• आपातकालीन सुविधाएं: एम्बुलेंस, डाक सेवाओं और पुलिस को सटीक लोकेशन ट्रैकिंग में आसानी होगी।
📱 पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर कसता शिकंजा
‘ग्राम मानचित्र’ प्लेटफॉर्म के जरिए आम नागरिक भी अपने गांव में चल रहे विकास कार्यों की लाइव ट्रैकिंग कर सकेंगे। जिओ-टैगिंग और भू-स्थानिक (Geospatial) तकनीक के इस्तेमाल से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और हर पंचायत डेटा-संचालित निर्णय लेने में सक्षम बनेगी।



