
बोलबम यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर-झंडे को लेकर बढ़ा विवाद; सेना तैनात, सरलाही में भारतीय नागरिकों के लिए ID अनिवार्य
📍 काठमांडू (नेपाल)
नेपाल के कोशी और मधेश प्रांतों में पिछले एक सप्ताह से जारी सांप्रदायिक झड़पों ने विकराल रूप ले लिया है। हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और 22 पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आधा दर्जन से अधिक जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में जनता से शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है तथा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
“सुनसरी के देवानगंज कप्तानगंज में बोलबम यात्रा के दौरान शुरू हुआ विवाद सिराहा, धनुषा, पर्सा और सप्तरी तक फैल गया है। नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल को फ्लैग मार्च के निर्देश दिए गए हैं।”
🚨 कैसे भड़की हिंसा और किनकी हुई मौत?
सुनसरी जिले में धार्मिक यात्रा के दौरान तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने और झंडे लगाने को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता की मौत हो गई। वहीं, सिराहा के गोलबाजार में हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान 17 वर्षीय गणेश यादव की गोली लगने से मौत हो गई।
🪖 सुरक्षा व्यवस्था और भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती
संवेदनशील इलाकों में सेना के हेलीकॉप्टरों से हवाई निगरानी की जा रही है। सीमावर्ती जिला सरलाही में भारत से आने-जाने वाले नागरिकों के लिए वैध पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने उपद्रव फैलाने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
कोशी प्रांत सरकार ने मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की राहत राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ सामग्री या अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।



