
1 से 15 अगस्त तक चलेगा ‘Self-Enumeration’ चरण; ऐप और पोर्टल के जरिए नागरिक दे सकेंगे 34 सवालों के जवाब, 2027 में जारी होगा अंतिम डेटा
📍 कोलकाता
पश्चिम बंगाल में 1 अगस्त 2026 से भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना (Digital Census) की प्रक्रिया शुरू हो रही है। कोविड-19 महामारी के कारण वर्षों से लंबित यह राष्ट्रीय पहल अब पूरी तरह ऑनलाइन और मोबाइल ऐप आधारित ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ (स्वयं गणना) प्रणाली के साथ धरातल पर उतर रही है।
15 साल के लंबे अंतराल के बाद शुरू हो रही इस ऐतिहासिक जनगणना प्रक्रिया को राज्य सरकार ने एक ‘संवैधानिक दायित्व’ करार देते हुए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
“पहला चरण (1-15 अगस्त) नागरिक स्वयं ऑनलाइन पूरा करेंगे। इसके बाद 16 अगस्त से 14 सितंबर तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर डेटा की पुष्टि करेंगे।”
📲 कैसे होगी डिजिटल गणना और क्या है ‘किचन’ कॉन्सेप्ट?
नागरिक समर्पित पोर्टल या ऐप पर जाकर परिवार के मुखिया का विवरण दर्ज करेंगे और 34 प्रश्नों के उत्तर देंगे। इसके बाद एक 11 अंकों का Self-Enumeration (SE) ID जनरेट होगा, जिसे द्वितीय चरण में आने वाले गणनाकर्मी को दिखाना होगा।
इस बार की जनगणना में ‘किचन’ (रसोई) अवधारणा लागू की गई है। यानी एक ही मकान में साथ रहने वाले लेकिन अलग-अलग रसोई में खाना बनाने वाले चूल्हों को अलग-अलग परिवार मानकर डेटा दर्ज किया जाएगा।
🔒 पूर्ण गोपनीयता और 2027 का लक्ष्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि एकत्रित सभी डिजिटल डेटा पूरी तरह से गोपनीय रहेंगे और किसी अन्य विभाग या सार्वजनिक डोमेन में साझा नहीं किए जाएंगे। जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 तय की गई है, और अंतिम जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में पूरी होगी।



