
कप्तान हरमनप्रीत के 2 गोल और श्रीजेश का शानदार प्रदर्शन, भारत ने चौथी बार अपने नाम किया एशिया कप का खिताब
📍 कुआलालंपुर / नई दिल्ली
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए एशिया कप 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 4-2 से शिकस्त देकर खिताबी जीत हासिल की है। कुआलालंपुर में खेले गए इस खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया ने शुरुआती मिनटों से ही आक्रामक रुख अपनाया और कोरियाई रक्षापंक्ति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने इस सदी में अपना चौथा एशिया कप खिताब (2003, 2007, 2017, 2026) अपने नाम किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस जीत ने भारत को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के क्वालीफिकेशन राउंड में सीधी एंट्री दिला दी है।
“कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो पेनल्टी कॉर्नर गोल, जुगराज व मनदीप के फील्ड गोल और पीआर श्रीजेश के जादुई बचाव ने भारत को एशिया का नया चैंपियन बनाया।”
🏑 हरमनप्रीत की कप्तानी और पीआर श्रीजेश बने ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’
मैच में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए 2 महत्वपूर्ण गोल दागे। इसके साथ ही जुगराज सिंह और मनदीप सिंह ने 1-1 फील्ड गोल करके भारत की बढ़त को मजबूत किया।
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले दिग्गज भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ (Player of the Tournament) के पुरस्कार से नवाजा गया। श्रीजेश ने फाइनल सहित पूरे टूर्नामेंट में गोलपोस्ट के आगे लोहे की दीवार की तरह खड़े रहकर दर्जनों पेनल्टी कॉर्नर और गोल के मौकों को नाकाम किया।
कोशी क्षेत्र से लेकर पूरे देश में जश्न का माहौल
भारतीय हॉकी टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे देश के साथ-साथ बिहार के कोशी क्षेत्र (पूर्णिया, सुपौल, अररिया) में भी खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि इस जीत से ग्रामीण क्षेत्रों में हॉकी के प्रति युवाओं का आकर्षण और बढ़ेगा। अब भारतीय टीम का अगला लक्ष्य अक्टूबर 2026 में होने वाली प्रो लीग (Pro League) होगी।



