
बादल फटने और लैंडस्लाइड से 4 प्रमुख नेशनल हाईवे ठप्प, सैकड़ों तीर्थयात्री फंसे; दिल्ली-बिहार और यूपी में ऑरेंज अलर्ट
📍 देहरादून / नई दिल्ली
पश्चिमी हिमालयी राज्यों में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में जगह-जगह बादल फटने, नदियां उफान पर आने और भूस्खलन (Landslide) के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। प्रसिद्ध केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्ग सहित 4 प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहाड़ी राज्यों में अगले 72 घंटों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) जारी किया है, जबकि मैदानी इलाकों (दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार) के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है।
“रुद्रप्रयाग और मंडी जिलों में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। 11 टीमों को तुरंत राहत कार्यों में लगाया गया है और फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।”
🚁 हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू और नदियों का बढ़ा जलस्तर
रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों से अब तक 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। नदियों के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के चलते निचले इलाकों को खाली कराया जा रहा है। खराब मौसम के बीच राहत एजेंसियां फंसे हुए श्रद्धालुओं को निकालने के लिए एयरलिफ्ट/हेलीकॉप्टर सेवाओं की मदद ले रही हैं।
मैदानी इलाकों पर असर: बिहार में धान की फसल को संजीवनी
पहाड़ों पर बारिश का सीधा असर दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी यूपी और बिहार तक देखा जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बिहार के कोशी क्षेत्र में यह बारिश धान की खेती के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी, हालांकि प्रशासन ने तटीय एवं निचले इलाकों के निवासियों को जलभराव और नदी जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।



