
जोगबनी-विराटनगर रेल लिंक पर ट्रांसशिपमेंट का झंझट खत्म, माल ढुलाई समय और परिवहन लागत में आएगी भारी कमी
📍 जोगबनी (बिहार) / विराटनगर (नेपाल)
भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक व आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता पोर्ट से नेपाल के विराटनगर तक भारत की पहली डायरेक्ट कंटेनर फ्रेट (मालगाड़ी) ट्रेन सेवा का सफल संचालन शुरू कर दिया गया है।
इस डायरेक्ट ट्रेन सेवा के शुरू होने से बिहार के अररिया जिले में स्थित जोगबनी–विराटनगर क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक पर पहले होने वाले ट्रांसशिपमेंट (सीमा पर माल उतारकर दूसरे वाहनों में लोड करने की प्रक्रिया) की आवश्यकता पूरी तरह खत्म हो गई है। अब अंतर्राष्ट्रीय कार्गो कंटेनर बिना किसी रुकावट के सीधे अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
“सीधे कंटेनर ट्रेन सेवा से भारतीय निर्यातकों और नेपाली आयातकों की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और दोनों देशों के बीच सीमावर्ती व्यापार और अधिक सुगम होगा।”
🚚 लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और सीमावर्ती उद्योगों को फायदा
लॉजिस्टिक्स और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई डायरेक्ट रेल सेवा से समय की भारी बचत होगी। माल की क्षति और बर्बादी का जोखिम कम होगा, जिससे आयात-निर्यात से जुड़े व्यापारियों और उद्योगपतियों को सीधा वित्तीय लाभ पहुंचेगा।
यह परियोजना न केवल दोनों पड़ोसी देशों के बीच लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को आधुनिक और मजबूत बनाएगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में गोदामों (Warehouses), आईसीडी (Inland Container Depot) और लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण से स्थानीय रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी भारी गति देगी।



