
विदेश मंत्रालय का तीखा प्रहार: ‘जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा, अवैध चुनावी प्रक्रिया से नहीं बदलेगी जमीनी हकीकत’
📍 नई दिल्ली
भारत सरकार ने पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में प्रस्तावित तथाकथित विधानसभा चुनावों को लेकर एक बार फिर कड़ा और सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ये चुनाव केवल एक “कॉस्मेटिक इलेक्टोरल एक्सरसाइज़” (प्रतीकात्मक चुनावी नाटक) हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान द्वारा किए गए अवैध कब्जे को वैध दिखाने का एक असफल प्रयास मात्र है।
भारत ने दोहराया कि संपूर्ण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं तथा पाकिस्तान का उस क्षेत्र पर किसी भी प्रकार का कोई वैध या कानूनी अधिकार नहीं है।
“PoJK में कराई जाने वाली चुनावी प्रक्रिया वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतिनिधित्व नहीं करती। किसी भी प्रकार की प्रशासनिक गतिविधि या चुनाव उस क्षेत्र की कानूनी स्थिति को नहीं बदल सकते।” — विदेश मंत्रालय
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान और भारत का स्पष्ट रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान द्वारा अपनी नापाक हरकतों और अवैध कब्जे को छुपाने के लिए कराए जा रहे ऐसे चुनावों को गंभीरता से न ले। भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को कब्जा किए गए भारतीय क्षेत्रों को तुरंत खाली कर देना चाहिए।
सरकार ने पुनः दोहराया कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित किसी भी विषय का समाधान केवल और केवल भारत के संविधान तथा राष्ट्रीय हितों के दायरे में ही संभव है। पाकिस्तान के ऐसे एकतरफा कदम क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने के प्रयासों के पूरी तरह खिलाफ हैं।
कूटनीतिक विशेषज्ञ बोले: आधिकारिक नीति पर कायम है भारत
राजनीतिक और कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि विदेश मंत्रालय का यह बयान भारत की उस दीर्घकालिक विदेश नीति के अनुकूल है जिसके तहत भारत कभी भी PoJK में पाकिस्तान के किसी प्रशासनिक या चुनावी दावे को स्वीकार नहीं करता। इस कड़े बयान के बाद वैश्विक स्तर पर एक बार फिर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।



