
🚨 बिहार: राज्य में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के चलते कोसी बराज (भीमनगर) पर पानी का दबाव अत्यंत बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बराज के 20 से बढ़ाकर 32 फाटकों को खोल दिया है, जिससे 1.26 लाख क्यूसेक से अधिक पानी नीचे के मैदानी इलाकों की ओर छोड़ा गया है।
🔍 बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद सुपौल, सहरसा, कटिहार और खगड़िया समेत पूरे कोसी क्षेत्र में बाढ़ की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। निचले इलाकों में पानी तेज़ी से प्रवेश कर रहा है। खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित सभी जिलों के जिलाधिकारियों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की कई टीमों को हाई अलर्ट पर तैनात कर दिया गया है।
- 👉 बराज अपडेट: कोसी बराज के 32 फाटक खोले गए, 1.26 लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज।
- ⚖️ हाई अलर्ट ज़िले: सुपौल, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, खगड़िया और मुजफ्फरपुर में विशेष सतर्कता।
- 🚨 रेस्क्यू फोर्स: NDRF और SDRF की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया।
🗣️ उत्तर बिहार की नदियां भी उफान पर: कोसी के साथ-साथ राज्य की अन्य प्रमुख नदियों जैसे बागमती, कमला बलान और महानंदा के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसके कारण सीमांचल और उत्तर बिहार के पूर्णिया, मुजफ्फरपुर और शिवहर जैसे जिलों में भी निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। नदियों के इस रौद्र रूप से कई तटवर्ती गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालयों से कटने की कगार पर पहुंच गया है।
💡 24 घंटे तटबंधों की निगरानी: जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें सभी संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रही हैं। तटबंधों में कटाव या रिसाव रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग सामग्रियों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, नदी के आसपास और तटबंधों के अंदर रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जा रही है।
किसी समाचार, फोटो, वीडियो, ऑडियो या अन्य सामग्री से संबंधित कोई आपत्ति, शिकायत या कॉपीराइट दावा हो तो Grievance Officer से संपर्क करें:
📧 ceo@koshivoice.in | 📱 WhatsApp: +91 92790 09245
उचित प्रमाण मिलने पर मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई लागू नियमों के अनुसार की जाएगी।


