सैटेलाइट इमेज से बड़ा खुलासा! भारत के 70-80% हिस्से से अचानक गायब हुए मानसून के काले बादल। जानें क्या है ‘मानसून ब्रेक’ और कब होगी बारिश की वापसी।
कुछ ही दिनों पहले तक पूरा भारत भारी बारिश और घने काले बादलों से ढका हुआ था। लेकिन अब अचानक मौसम ने करवट ली है। हाल ही में आई सैटेलाइट तस्वीरों (Satellite Images) ने मौसम विज्ञानियों के बीच हलचल मचा दी है।
पूरे देश को भिगोने वाले मानसूनी बादल रातों-रात अचानक गायब हो गए हैं, और भारत का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा अब बिल्कुल साफ आसमान और तेज धूप के नीचे है।
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सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा हैरान करने वाला नज़ारा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पिछले कई हफ्तों से सक्रिय मानसून को ट्रैक कर रहा था। उत्तर के पहाड़ी इलाकों से लेकर दक्षिण तक झमाझम बारिश हो रही थी। नदियां उफान पर थीं और किसान बुवाई की तैयारियों में जुटे थे। लेकिन अचानक यह मौसम शांत हो गया है।
हाल ही में जारी हाई-रेजोल्यूशन सैटेलाइट इमेज एक हैरान करने वाली तस्वीर पेश करती हैं। जहां पहले घने और नमी वाले बादल हुआ करते थे, वहां अब 70 से 80 फीसदी हिस्सों में सन्नाटा है। अब बारिश वाले बादल सिर्फ हिमालय की तलहटी और कुछ उत्तर-पूर्वी राज्यों तक ही सीमित रह गए हैं। बाकी देश में अब नमी खत्म हो गई है और तेज धूप निकल रही है।
इस अचानक हुए बदलाव ने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के लोगों को चौंका दिया है। वहीं, हमारे किसान भाई, जो अपनी फसलों के लिए मानसून पर निर्भर हैं, अब आसमान की तरफ चिंता से देख रहे हैं कि आखिर इतना मजबूत मानसून अचानक कैसे गायब हो गया?
आखिर देश के 80% हिस्से से क्यों गायब हुए बादल?
बादलों का इस तरह गायब होना भले ही अजीब लगे, लेकिन मौसम विज्ञानियों के अनुसार, यह मानसून का एक सामान्य हिस्सा है, जिसे “मानसून ब्रेक” (Monsoon Break) कहा जाता है।
मानसून कभी भी लगातार नहीं बरसता, बल्कि यह ‘एक्टिव’ और ‘ब्रेक’ फेज में काम करता है। इस ब्रेक के दौरान मानसून की ट्रफ लाइन (जो बारिश वाली हवाओं को कंट्रोल करती है) मध्य भारत से खिसक कर हिमालय की तलहटी की ओर चली जाती है। इसी वजह से बाकी देश में बारिश रुक जाती है।
इसके अलावा, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम से आने वाली सूखी हवाएं भी इसका एक बड़ा कारण हैं। ये हवाएं स्पंज की तरह काम करती हैं और हवा में मौजूद बची हुई नमी को सोख लेती हैं। जब नमी ही नहीं होगी, तो बादल कैसे बनेंगे? इसी वजह से आसमान साफ हो जाता है और तेज धूप निकलने लगती है।
क्या फिर लौटेगी झमाझम बारिश?
हालांकि इस ‘ब्रेक’ से फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि घबराने की बात नहीं है, यह प्राकृतिक चक्र है। मौसम विभाग इंडियन ओशन डिपोल और अल नीनो जैसे मापदंडों पर लगातार नज़र बनाए हुए है।
पूरे देश को अब हवाओं के दोबारा रुख बदलने का इंतज़ार है, ताकि काले बादल एक बार फिर झमाझम बारिश लेकर लौटें और किसानों को राहत मिल सके।
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