
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज़ स्ट्रेट में कमर्शियल जहाज़ों पर हुई बमबारी के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया, जिसके बाद ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों और चाबहार में भीषण विस्फोट हुए हैं।
यह बड़ी सैन्य कार्रवाई बुधवार (8 जुलाई 2026) तड़के और गुरुवार (9 जुलाई 2026) के शुरुआती घंटों के बीच अंजाम दी गई है। हमलों का मुख्य केंद्र फारस की खाड़ी, होर्मुज़ स्ट्रेट, ईरान के नियंत्रण वाले द्वीप और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार व कोनारक शहर के तटीय इलाके रहे हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, बुधवार को ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़र रहे तीन कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाया था, जिसके चंद घंटों के भीतर ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘भारी चोट पहुँचाने’ की सीधी धमकी दी। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने दोबारा ऐसी हिमाकत की, तो इसका अंजाम इससे भी कहीं अधिक कठोर होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस सख्त बयान के तुरंत बाद अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के दक्षिणी तटीय ठिकानों को मिसाइलों से थर्रा दिया।
दूसरी ओर, ईरान भी इस हमले के बाद पीछे हटने को तैयार नहीं है। ईरानी मीडिया और वहां के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिकी हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि वे इस अभद्रता का जवाब पूरी निडरता और साहस के साथ जमीनी कार्रवाई से दे रहे हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी बमबारी के पलटवार में बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ जवाबी हमले किए हैं। इस वक्त फारस की खाड़ी में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं।
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